अहमदाबाद, गुजरात में पुलिस के खिलाफ शिकायत कैसे करें

पुलिस उत्पीड़न, हिरासत में यातना, अवैध गिरफ्तारी और मानवाधिकार उल्लंघन में मुफ्त कानूनी सहायता।

त्वरित उत्तर

अगर अहमदाबाद में पुलिस आपको प्रताड़ित करे, मारे या अवैध रूप से हिरासत में रखे, तो पहले पुलिस अधीक्षक (SP) को लिखित शिकायत दें। कार्रवाई न हो तो मजिस्ट्रेट के पास आवेदन करें या गुजरात उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर करें। पुलिसकर्मी को सजा केवल अदालत दे सकती है। जनकवच मुफ्त कानूनी सहायता देता है।

क्या करें: चरण दर चरण

  1. घटना का ब्योरा लिखें: तारीख, समय, जगह, पुलिसकर्मी का नाम या बैज नंबर और गवाह। फोटो और वीडियो सुरक्षित रखें।
  2. चोट लगी हो तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं और मेडिकल रिपोर्ट की कॉपी रखें। आप मजिस्ट्रेट से भी मेडिकल जांच की मांग कर सकते हैं।
  3. अहमदाबाद के पुलिस अधीक्षक (SP) को रजिस्टर्ड डाक या ईमेल से लिखित शिकायत भेजें (BNSS धारा 173(4), पहले CrPC 154(3))। रसीद संभालकर रखें।
  4. FIR फिर भी न लिखी जाए तो अहमदाबाद की अदालत में मजिस्ट्रेट को आवेदन दें (BNSS धारा 175(3), पहले CrPC 156(3))।
  5. राज्य मानवाधिकार आयोग या NHRC (हेल्पलाइन 14433) में शिकायत करें। ये आयोग सिफारिश कर सकते हैं, सजा नहीं दे सकते।
  6. सुरक्षा और मुआवजे के लिए गुजरात उच्च न्यायालय में अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिका दायर करें। जनकवच इसमें मुफ्त मदद करता है।

अहमदाबाद में कहां जाएं

  • अहमदाबाद जिला एवं सत्र न्यायालय / मजिस्ट्रेट कोर्ट: FIR के आदेश और आपराधिक शिकायत के लिए
  • पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय, अहमदाबाद: लिखित शिकायत के लिए
  • जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), अहमदाबाद: मुफ्त वकील के लिए। राष्ट्रीय हेल्पलाइन 15100
  • गुजरात उच्च न्यायालय: रिट याचिका के लिए
  • आपातकाल में 112 पर कॉल करें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अहमदाबाद में पुलिस के खिलाफ शिकायत कैसे दर्ज करें?

पहले अहमदाबाद के पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दें। सुनवाई न हो तो मजिस्ट्रेट या गुजरात उच्च न्यायालय जाएं। आप जनकवच पर बिना थाने गए मुफ्त शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं।

अहमदाबाद में पुलिस FIR दर्ज न करे तो क्या करें?

SP को लिखित शिकायत भेजें। फिर भी FIR न हो तो मजिस्ट्रेट से FIR दर्ज करने का आदेश मांगें, या हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर करें।

पुलिस वाले को सजा कौन सी अदालत दे सकती है?

मुकदमे में दोष सिद्ध होने पर सजा सक्षम मजिस्ट्रेट या सत्र न्यायालय देता है। हाईकोर्ट रिट में सुरक्षा, जांच के निर्देश और मुआवजा दे सकता है। विभागीय कार्रवाई अलग होती है। कुछ मामलों में सरकारी सेवक पर मुकदमे के लिए पूर्व मंजूरी लगती है।

क्या अहमदाबाद में कानूनी सहायता मुफ्त है?

हां। जनकवच पुलिस उत्पीड़न और मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों में मुफ्त कानूनी सहायता देता है। DLSA और NALSA (15100) से भी मुफ्त वकील मिल सकता है।

क्या शिकायत के लिए थाने जाना जरूरी है?

जनकवच पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के लिए थाने जाने की जरूरत नहीं है। आपकी जानकारी गोपनीय रखी जाती है।

यह सामान्य कानूनी जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं। कानून, धाराएं और हेल्पलाइन नंबर बदल सकते हैं, इसलिए किसी अधिवक्ता से पुष्टि कर लें।